यह तो ज़िन्दगी का सिलसिला है ,
रो तू रहा है पर हस्स रहा है कोई और ,
हसने वाले भी अपने और पराये भी ,
तू किसके लिए रो रहा है ,
वो तो बहुत खुश है ,
उसे ना तेरी जाने का दुःख और ना ही आने का ,
चाहे तू हसे या रोये उसे तेरी कोई फ़िक्र नहीं ,
आप जिसे चाहते हो ,
वो आपको नहीं चाहती ,
और वो जिन्हे चाहती है ,
उन्हे वो नहीं चाहते,
किया हम जिनको याद करते है ,
क्या वो भी हमें याद आते है ,
प्यार तो ज़िन्दगी का एक अफसाना है ,
इसका एक अपना ही तराना है ,
मुरझाए हुए फुल खुसबू दे जाती है ,
पर बीते हुए पल यादे दे जाती है ,
सबका है एक अलग सा अंदाज़ ,
कोई दोस्ती मे प्यार और कोई प्यार मे दोस्ती दे जाता है।
No comments:
Post a Comment