Monday, 19 March 2018

टुटा दिल



















अरे दिल तू क्यों रोता है ,
यह तो ज़िन्दगी का सिलसिला है ,
रो तू रहा है पर हस्स रहा है कोई और  ,
हसने वाले भी अपने और पराये भी ,

तू किसके  लिए रो रहा है ,
वो तो बहुत खुश है ,
उसे ना तेरी  जाने का  दुःख और ना ही आने का  ,
चाहे तू हसे या रोये उसे तेरी कोई फ़िक्र नहीं ,

आप जिसे चाहते हो ,
वो आपको नहीं चाहती ,
और वो जिन्हे चाहती है ,
उन्हे वो नहीं चाहते,

किया हम जिनको याद करते है ,
क्या वो भी  हमें याद आते है ,
प्यार तो ज़िन्दगी का एक  अफसाना है ,
इसका एक अपना ही तराना है ,

मुरझाए हुए फुल खुसबू दे जाती है ,
पर बीते हुए पल यादे दे जाती है ,
सबका है एक अलग सा अंदाज़ ,
कोई दोस्ती मे प्यार और कोई प्यार मे दोस्ती दे जाता है। 

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